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नहीं रास आया BJP में जाना, पाला बदलने के बाद भी जब चुनाव हार गईं कृष्णा

Delhi Election 2020: चुनावों में नेताजी अक्सर विजयी होने के लिए तरह-तरह के तिकड़म आजमाते हैं। ऐसा ही कुछ वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पटेल नगर सीट पर हुआ था। चुनाव से कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर पूर्व केंद्रीय मंत्री और तीन बार विधायक रहीं कृष्णा तीरथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। उनका यह दांव जीत दिलाने में असफल साबित हुआ और वह दूसरे स्थान पर रहीं। वह चार वर्षों तक भाजपा में रहने के बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस में लौट गईं।

पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो नई दिल्ली लोकसभा सीट के अधीन आने वाली यह सीट आरक्षित हैं। वर्ष 2008 में हुए विधानसभा परिसीमन के दौरान बलजीत नगर विधानसभा के इलाके को पटेल नगर विधानसभा में शामिल कर दिया गया। यहां से तीरथ लगातार वर्ष 1993,1998 और 2003 में तीन बार विधायक बनीं। इन चुनावों में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशियों को जमकर शिकस्त दी। वह शीला सरकार में कैबिनेट का हिस्सा भी रहीं। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में तीरथ लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर केंद्र में मंत्री भी बनीं।

 

पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र में 2015 में तीरथ के 34,230 मतों के मुकाबले 68,868 मत लेकर आम आदमी पार्टी के हजारीलाल चौहान ने जीत हासिल की। वहीं वर्ष 2013 में यहां से AAP प्रत्याशी वीणा आनंद ने भाजपा की पूर्णिमा विद्यार्थी को हराया था।

इससे पूर्व वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश लिलोठिया यहां से विधायक बने थे। वह वर्ष 2015 के चुनाव में तीसरे स्थान पर चले गए थे और उन्हें मात्र दस हजार मत ही मिल सके थे। इस बार इस सीट पर रोचक मुकाबला होने के आसार हैं। वर्तमान विधायक हजारी लाल चौहान फिर से दावेदारी जता रहे हैं, जबकि भाजपा से यहां पर कई वर्तमान व पूर्व पार्षद और कांग्रेस से भी कई नेता टिकट के लिए लाइन में हैं।

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